
बिहार चुनाव का पहला चरण 6 नवम्बर को होने जा रहा है। यह सिर्फ़ एक तारीख नहीं है — यह हमारे अधिकार, ज़िम्मेदारी और बदलाव का दिन है। हर वोट में ताकत है, ताकत अपने राज्य के भविष्य को दिशा देने की।
लोकतंत्र तभी मज़बूत होता है जब नागरिक सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। अगर हम वोट नहीं देते, तो हम अपना अधिकार किसी और के हाथों में छोड़ देते हैं। लेकिन जब हम मतदान करते हैं, तो हम एक ऐसे बदलाव के साथी बनते हैं जो बिहार को आगे बढ़ाने की राह दिखाता है।
याद रखिए — बदलाव इंतज़ार करने से नहीं आता, मतदान करने से आता है।
इसलिए 6 नवम्बर को गर्व से बाहर निकलें, अपने परिवार और दोस्तों को भी प्रेरित करें, और अपनी उंगली पर स्याही का निशान लगाएँ — यह निशान सिर्फ़ स्याही का नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकता का प्रतीक है।
इस चुनाव में — स्याही लगाइए, असर दिखाइए!
आइए, वोट करें एक बेहतर बिहार के लिए — क्योंकि भविष्य की शुरुआत आपसे होती है।